Home Breaking News TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया बड़ा आदेश, डेटा नहीं इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए उतारें नए प्लान
Breaking Newsव्यापार

TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया बड़ा आदेश, डेटा नहीं इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए उतारें नए प्लान

Share
Share

नई दिल्ली: दूरसंचार नियामक ट्राई ने देश में बेसिक या फीचर फोन का उपयोग करने वाले लगभग 15 करोड़ टेलीफोन यूजर्स को बड़ी राहत दी है. ट्राई ने एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडफोन इंडिया और बीएसएनएल जैसी दूरसंचार कंपनियों से केवल वॉयस और एसएमएस सेवाओं के लिए मोबाइल रिचार्ज प्लान पेश करने को कहा है, क्योंकि इन मोबाइल यूजर्स को डेटा प्लान की जरूरत नहीं होती है.

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (12वां संशोधन) नियम, 2024 जारी किया, जिसके तहत दूरसंचार कंपनियों को केवल वॉयस और एसएमएस सेवाओं के लिए मोबाइल पैक लॉन्च करना अनिवार्य कर दिया गया है.

संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिन बाद लागू होंगे. ट्राई ने टेलीकॉम यूजर्स के विचार जानने के लिए वर्ष 2022 के अंत में तीन महीने लंबा सर्वेक्षण किया था.

सर्वेक्षण में, ट्राई ने मोबाइल टैरिफ के विकास, उपभोक्ता संरक्षण विनियमों की प्रभावशीलता, तथा दूरसंचार कंपनियों द्वारा प्रकाशित या विज्ञापित मोबाइल रिचार्ज ऑफर में पारदर्शिता ढांचे की प्रभावशीलता पर मोबाइल यूजर्स के विचार मांगे.

ट्राई ने इस साल जुलाई में परामर्श पत्र जारी किया था और सोमवार को उसने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 11 और 36 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संशोधित उपभोक्ता संरक्षण नियम जारी किए.

नए संशोधित विनियमन में ट्राई ने कहा, “दूरसंचार कंपनियों के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में 15 करोड़ मोबाइल यूजर्स अभी भी फीचर फोन का उपयोग करते हैं, जो बिना डेटा वाले रिचार्ज प्लान के विकल्पों की आवश्यकता को उजागर करता है.”

See also  नोएडा में विवाहिता की हत्या का प्रयास, बेहोश होने पर मरा समझकर छोड़ा

दूरसंचार ऑपरेटरों को बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान पेश करने के लिए कहने के अलावा, ट्राई ने रिचार्ज अवधि की वैधता, रिचार्ज कूपन की कलर कोडिंग आदि से संबंधित नियमों में भी संशोधन किया है.

ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से स्पेशल टैरिफ वाउचर (एसटीवी) और कॉम्बो वाउचर (सीवी) की वैधता मौजूदा 90 दिनों से बढ़ाकर एक साल करने को कहा है. इन नए उपभोक्ता संरक्षण नियमों के लागू होने के बाद मोबाइल यूजर्स के पास इन स्पेशल और कॉम्बो वाउचर के जरिये 365 दिनों के लिए अपने मोबाइल नंबर को रिचार्ज करने का विकल्प होगा.

इसके अलावा, मोबाइल कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए ट्राई ने कलर कोड प्रकाशन की बाध्यता भी समाप्त कर दी है. दूरसंचार नियामक ने कहा, “ऑनलाइन रिचार्ज की प्रमुखता को देखते हुए वाउचर्स की भौतिक रूप में कलर कोडिंग को समाप्त कर दिया गया है.”

इन उपायों के अलावा, ट्राई ने 10 रुपये या इसके गुणकों (multiples) में टॉप-अप रिचार्ज रिजर्व रखने की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया है, लेकिन उसने दूरसंचार कंपनियों से 10 रुपये का कम से कम एक टॉप-अप वाउचर की अनिवार्यता बरकरार रखने को कहा है.

फीचर फोन के लिए डेटा प्लान हटाने की वजह

जब ट्राई ने मोबाइल यूजर्स और उपभोक्ता संगठनों से विचार मांगे तो यह स्पष्ट था कि सभी यूजर्स के लिए मोबाइल डेटा को अनिवार्य रूप से बंडल करने की प्रथा कुछ विशिष्ट वर्गों जैसे कि बुजुर्ग व्यक्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जरूरतों के अनुसार नहीं थी, जो ज्यादातर बेसिक फोन या फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं.

See also  राजस्थान के गृह राज्य मंत्री यादव के उत्तराखंड स्थित आवास और मिल में इनकम टैक्स का छापा

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे केवल वॉयस कॉल और मैसेज के लिए रिचार्ज प्लान पेश करें, जिसमें इंटरनेट डेटा खरीदने की कोई बाध्यता नहीं होगी.

दूसरा, इसने विशेष टैरिफ वाउचर और कॉम्बो वाउचर की वैधता अवधि को मौजूदा 90 दिनों से बढ़ाने की आवश्यकता का भी आकलन किया और इसने वाउचर और उनके मूल्यवर्ग के रंग कोडिंग पर हितधारकों के विचार भी मांगे.

स्पष्टीकरण नोट में ट्राई ने साफ किया कि सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को छोड़कर अन्य सभी दूरसंचार कंपनियां अलग-अलग वॉयस और एसएमएस रिचार्ज पैक का विरोध कर रही हैं, जबकि उपभोक्ता संगठन और अन्य हितधारक इस प्रकार के मोबाइल रिचार्ज के पक्ष में हैं.

हालांकि, परामर्श के बाद ट्राई ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया क्योंकि ये वॉयस और एसएमएस रिचार्ज पैक बड़ी संख्या में यूजर्स, विशेषकर उन 15 करोड़ मोबाइल यूजर्स के लिए फायदेमंद होंगे, जो बेसिक फोन का उपयोग करते हैं. ट्राई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा डेटा सेवाओं पर जोर दिए जाने के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग आबादी में बड़ी संख्या में यूजर्स डेटा का उपयोग करने के इच्छुक नहीं हैं.

वाई-फाई वालों के लिए डेटा प्लान की जरूरत नहीं

इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में भी लोगों के घर में ब्रॉडबैंड वाई-फाई डेटा है और जब उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है, तो उन्हें डेटा पैक के साथ रिचार्ज करने के लिए मजबूर करना उचित नहीं होगा.

तीसरा, बैंक, आधार, आईटीआर भरने की रिपोर्ट आदि में दिए गए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त करने के लिए वॉयस और एसएमएस पैक की जरूरत होती है. यह महसूस किया गया कि वॉयस और एसएमएस पैक विशेष रूप से तब फायदेमंद होंगे, जब रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर यूजर का प्राथमिक नंबर न हो.

See also  योगी सरकार आज पेश करेगी अपने 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड, 12 बजे सीएम करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

ट्राई ने अमेरिका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे कुछ अन्य देशों में प्रचलित प्रथाओं का भी हवाला दिया, जहां दूरसंचार कंपनियां जैसे अमेरिका में टेलो, बांग्लादेश में बांग्लालिंक और ग्रामीफोन तथा पाकिस्तान में टेलीनॉर अपनी वेबसाइटों पर वॉयस और एसएमएस पैक तथा इंटरनेट उपयोग कैलकुलेटर की पेशकश करती हैं और ये ऑफर उपभोक्ताओं को अपने लिए सबसे उपयुक्त ऑफर चुनने की सुविधा देते हैं.

सरकार के डेटा उपयोग को बढ़ाने के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा: ट्राई

ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों की इस आपत्ति को भी खारिज कर दिया कि वॉयस और एसएमएस पैक सिर्फ डेटा उपयोग बढ़ाने के सरकार के प्रयासों को प्रभावित करेंगे. ट्राई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियां वॉयस, एसएमएस और मोबाइल डेटा या केवल मोबाइल डेटा पैक के लिए बंडल पैक पेश करना जारी रख सकती हैं.

Share
Related Articles
Breaking Newsअपराधएनसीआरनोएडा

युवक ने शादी का झांसा देकर बनाए युवती के साथ संबंध, जानिए क्या है मामला

नोएडा: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक युवती के साथ दुष्कर्म करने का...