प्राधिकरण बोर्ड ने उन फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई थी। प्राधिकरण बोर्ड ने तीन महीने के लिए जुर्माने से राहत दे दी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यदि फ्लैट खरीदार बोर्ड के इस फैसले के दिन से तीन माह के भीतर यदि रजिस्ट्री करा लेते हैं, तो जुर्माने से बच जाएंगे। फ्लैट खरीदारों पर हर दिन 100 रुपए के हिसाब से जुर्माना लग रहा था। बता दें कि पूर्व में भी ऐसे खरीदारों को राहत दी गई थी।
दरअसल, प्राधिकरण ने उन फ्लैट खरीदारों के लिए जुर्माना माफ करने का फैसला किया है,जो अधिभोग प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी बिल्डर द्वारा बकाया राशि का भुगतान न करने के कारण अपने फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं करवा पाए थे। फ्लैट खरीदारों को आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद बिना किसी जुर्माने के रजिस्ट्री करवाने के लिए तीन माह का समय दिया है।
फ्लैट खरीदारों के संगठन ने भी जुर्माना राशि माफ करने का आग्रह किया था। प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी कुछ फ्लैट खरीदारों द्वारा रजिस्ट्री नहीं कराई गई थी,जिन पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लग रहा था। ऐसे खरीदार तीन माह तक बिना विलंब शुल्क के रजिस्ट्री करा सकते हैं।
इस बीच अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर पुरानी रुकी हुई बिल्डर परियोजनाओं की अड़चनों को हल करने के लिए लाई गई नीति का अब तक 98 में से 77 बिल्डर परियोजनाओं को लाभ मिला है। परियोजनाओं को पूरा कर खरीदारों को उनका आशियाना देने का रास्ता साफ हुआ है।
इन 77 परियोजनाओं में शामिल लगभग 76 हजार फ्लैटों में से अब तक 35494 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 98 बिल्डर परियोजनाएं ऐसी हैं, जो अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर तैयार नीति के दायरे में आती हैं।
इनमें से 77 परियोजनाओं के लिए बिल्डरों द्वारा 25 फीसदी धनराशि (पूर्ण व आंशिक मिलाकर) जमा कराई गई, जिससे प्राधिकरण को लगभग 1014 करोड़ की बकाया धनराशि प्राप्त हुई है। वहीं आगामी एक वर्ष में लगभग 1864 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होने की उम्मीद है। इन 77 परियोजनाओं में 76 हजार फ्लैट हैं, जिनमें से 40,003 के लिए कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है, जिसमें से 35,494 फ्लैटों की रजिस्ट्री अब तक हो चुकी है।