जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों पर 2019 में आईआईटी की टीम से सुरक्षा ऑडिट कराया गया था। दिल्ली के सुझावों को पूरा कराने की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण को दी गई थी।
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि यमुना प्राधिकरण ने रोड सेफ्टी के सभी 21 मानक पूरे कर लिये हैं। दिल्ली आइआइटी टीम द्वारा सुझाए गए सभी सुरक्षात्मक उपाय पूरे कर होने के बाद अब यात्रियों के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर ज्यादा सुरक्षित हो गया हैं।
हादसों पर लगाम लगाने के लिए 5 वर्षों की मेहनत
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक छह जिलों से गुजरने वाले 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर आए दिन हाेने वाले हादसों पर लगाम लगाने के लिए पिछले पांच वर्षो से काम किया जा रहा था। आईआईटी दिल्ली की टीम ने ग्रेटर नोएडा से आगरा तक पूरे एक्सप्रेसवे का सर्वे किया जिसके बाद टीम ने सुरक्षित सफर के लिए एक्सप्रेसवे पर बदलाव के लिए कुछ उपायों का सुझाव दिया था।
सड़क सुरक्षा के सभी जरूरी 21 मानकों को भी पूरा कर लिया
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि यमुना प्राधिकरण ने 2019 में आईआईटी दिल्ली द्वारा दिए गए सड़क सुरक्षा के सभी आठ सुझाव के साथ अन्य जरूरी 21 मानकों को भी पूरा कर लिया है। आइआइटी अपने सुझाव में बताया गया था कि निकास रैंप से पहले अतिरिक्त साइनेज, लेन प्रणाली को हटाना, प्रवेश और निकास पर रंबल स्ट्रिप्स लगाने, निकास रैंप पर ध्वनि की तीव्रता को कम करने वाले क्रैश एटेन्यूएटर्स लगाने, पूरे एक्सप्रेसवे पर आडिबिल शोल्डर की मार्किंग, रोड शोल्डर्स से सभी साइनपोस्ट को हटाने, मानक निर्देशों के अनुसार शोल्डर गार्ड रेलिंग को फिर से स्थापित करने और डिवाइडर को फ्लश मीडियन और केंद्रीय गार्ड रेलिंग के साथ बदलने सहित सभी सुरक्षा उपायों को पूरी तरह लागू किया गया है। इसके अलावा 3 क्यूआरटी वाहन, 11 पेट्रोलिंग वाहन, 6 एंबुलेस, 5 अग्निशमन की गाडियों के साथ 9 क्रेन एवं 2 जेसीबी भी तैनात की गई हैं।
एक्सप्रेसवे पर यमुना साथी एप और टोल फ्री नंबर से मिलेगी मदद
यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए यमुना साथी एप बनाया साथी टोल फ्री नंबर 18001027777 से भी यात्री आपात स्थिति में तुरंत मदद ले सकते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के समीप ही 3 ट्रामा सेंटर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई भी लगातार की जा रही हैं। जिसके तहत वाहन चालकों का ब्रीथ टेस्ट, हेलमेट, सीट बेल्ट व ओवर स्पीडिंग के लिए ई चालन कार्रवाई की जा रही हैं।